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क्या तू लेकर आया है........( कविता )

Posted On: 4 May, 2012 में

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अब बहुत हो गया देख कबीरा…
संसार ये निर्मल माया है
क्या तू लेकर आया है
क्या तू लेकर आया है…
भाग सके तू भाग ले जितना
जद में तेरा साया है…..
क्या तू लेकर आया है
क्या तू…………आया है…
लोभ की बंसी बजा रहा
खुद को मुरलीधर बता रहा
आज कबीरा दर पे तेरे
कोई न मुझको भाया है….
क्या तू लेकर आया है
क्या……………….आया है…
प्रेम का न कोई साथ यहां
अब साथ की गिरती साख जहां
समझ सके तो समझ ले साथी
जो साथ निभा पछताया है
क्या तू लेकर आया है…..
………………………………..है ?

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14 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

manushrivastav के द्वारा
May 8, 2012

bahut badhiyan Rahul bhai. लोभ की बंसी बजा रहा खुद को मुरलीधर बता रहा awesome !!!!!!!

    RAHUL YADAV के द्वारा
    May 8, 2012

    धन्यवाद मनु भाई

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
May 7, 2012

राहुल जी, अच्छी पस्तुति के लिए ……. बधाई !!

    RAHUL YADAV के द्वारा
    May 7, 2012

    अचार्य जी आपका धन्यवाद

चन्दन राय के द्वारा
May 6, 2012

Dear Rahul ji , Your poem is spreading a social message , may people read this & may have changed, keep writting buddy

    RAHUL YADAV के द्वारा
    May 7, 2012

    thankyou chandan ji

praveendixit के द्वारा
May 5, 2012

राहुल भाई आपने इस रचना से फिलहाल मुझे तो मंत्र मुग्ध कर दिया …बाकियों का पता नहीं …खूबसूरत पंक्तियाँ ….मन आनंदित हो गया…इनमें कुछ पन्तियाँ तो गीता सार की याद दिलाती हैं ..जैसे तू क्या लेकर आया था ….. कृपया मेरा ब्लॉग भी पढ़ें:praveendixit.jagranjunction.com पर क्लिक करें और अपनी राय कृपया अवश्य दें….धन्यवाद

    RAHUL YADAV के द्वारा
    May 5, 2012

    आपको रचना पसंद आई प्रवीण जी लेखन सार्थक हुआ।…..धन्यवाद

mayankkumar के द्वारा
May 5, 2012

इस दैवीय जगत में लोग क्या लेकर आये हैं ………. इसका तो आपने मनोहारी चित्रण किया है राहुल जी …….. पर एक बात मैं कहना चाहूंगा कि आप वाकई ईश्वरीय भेंट हैं जो इस निर्मम समाज में काव्य-लेखन प्रतिभा लेकर आये हैं ………… पाठक गौरवान्वित हुआ ……. उत्कृष्ट ’उपलब्धता’ पर लेख !!!!!!!!

    RAHUL YADAV के द्वारा
    May 5, 2012

    आपने तो मुझे शब्दहीन कर दिया।……धन्यवाद

ashishgonda के द्वारा
May 4, 2012

सुन्दर भावों का शब्दों में चित्रण,,,,,,,,,,,,,,,बहुत खूब

    RAHUL YADAV के द्वारा
    May 4, 2012

    शुक्रिया आशीष जी।

vikramjitsingh के द्वारा
May 4, 2012

राहुल जी….सादर…. सुन्दर भावप्रधान कविता……

    RAHUL YADAV के द्वारा
    May 4, 2012

    धन्यवाद सर


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