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सच का सफर

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सोंचता इंसान है.........कविता

Posted On: 15 Apr, 2012 में

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ढह रही है देख दुनिया
ढह रहा ईमान है………

देखकर हर वक्त इसको
सोंचता इंसान है

रास्तें तो हैं…..लेकिन
राह अब आसां नहीं…….
मुश्किलों में ही छिपा आशाओं का संसार है….

कब्र के मुरदों सरीखी हो गई फितरत यहाँ
जख़्म देकर जख़्म पर मरहम की है फितरत यहाँ
मूरतों की चाह में असलियत कुर्बान है
देखकर हर वक्त इसको सोंचता इंसान है…….

हर बार कसमें तोड़कर होता रहा वादा जहाँ
वादों की बिखरी राख से लिपटा ये कब्रिस्तान है
देखकर हर वक्त इसको सोंचता इंसान है…..

चलता-फिरता दिख रहा पुतला ये मिट्टी का बना
सोंचकर खुद को समझता आज ये भगवान है
देखकर हर वक्त इसको सोंचता इंसान है…….

सदमों की बारिश में है भीगी आज की इंसानियत
गुजरे समय से सीखकर कुछ तो मुसाफिर ले जरा
कुछ तो बदलकर देख ले शायद बड़़ा ईमान है
देखकर हर वक्त इसको सोंचता इंसान है……..

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13 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

bdsingh के द्वारा
October 20, 2013

होता नैतिक पतन , सोचने की बात।

yogi sarswat के द्वारा
May 3, 2012

सदमों की बारिश में है भीगी आज की इंसानियत गुजरे समय से सीखकर कुछ तो मुसाफिर ले जरा बढ़िया कोशिश और सुन्दर भाव ! अच्छी कविता

    RAHUL YADAV के द्वारा
    May 3, 2012

    धन्यवाद योगी जी।

Rishabh verma के द्वारा
April 27, 2012

कविता को पढकर सोचने पर मजबूर कर दिया अपने

    RAHUL YADAV के द्वारा
    April 28, 2012

    धन्यवाद ऋषभ जी

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
April 19, 2012

achhee -bhavbhoomi kee kavita ke liye badhai rahul jee !!

    RAHUL YADAV के द्वारा
    April 19, 2012

    आचार्य जी आपको कविता पसंद आई यह मेरा सौभाग्य है।

dineshaastik के द्वारा
April 16, 2012

वाह राहुल जी इंसान की सोच को सुन्दर शब्द  दिये आपने….

    RAHUL YADAV के द्वारा
    April 16, 2012

    शुक्रिया सर ।

चन्दन राय के द्वारा
April 15, 2012

राहुल जी, आपको पहली बार पढ़ रहा हूँ , आप के अन्दर बेहतरीन कवी रूप दीखता है , सचमुच आज इंसान की यही हालत है

    RAHUL YADAV के द्वारा
    April 15, 2012

    बहुत-बहुत शुक्रिया आपका चन्दन जी ।

mayankkumar के द्वारा
April 15, 2012

आपकी इस अतुल्य काव्य प्रतिभा को मेरे पास सराहना के लिए शब्द नहीं हैं …… बेहद सरलता से आप कि कविता ने मानव जीवन की वेदना का बखान कर कमाल किया ……….. जारी रखिए

    RAHUL YADAV के द्वारा
    April 15, 2012

    आपको कविता पसंद आई मेरा लेखन सार्थक हो गया। धन्यवाद


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